हर स्टार्टअप फाउंडर को शुरुआत में यह समझना क्यों चाहिए
परिचय (Introduction)
स्टार्टअप शुरू करना सिर्फ एक बिज़नेस आइडिया पर काम करना नहीं होता, बल्कि यह सपनों, जिम्मेदारियों और रिश्तों की साझेदारी भी होती है। जब दो या दो से ज़्यादा लोग मिलकर स्टार्टअप शुरू करते हैं, तो शुरुआत में सब कुछ बहुत अच्छा लगता है – दोस्ती, भरोसा, जोश और भविष्य के बड़े सपने।
लेकिन जैसे-जैसे स्टार्टअप आगे बढ़ता है, भूमिकाओं, पैसों, निर्णयों और इक्विटी (हिस्सेदारी) को लेकर मतभेद पैदा हो सकते हैं। यहीं पर एक सवाल बहुत अहम हो जाता है:
क्या आपने फाउंडर एग्रीमेंट बनाया है?
अगर नहीं, तो यह ब्लॉग आपके लिए बेहद ज़रूरी है।
और अगर बनाया है, तो भी यह जानना ज़रूरी है कि क्या वह सही तरीके से बनाया गया है या नहीं।
इस ब्लॉग में हम आसान भाषा में समझेंगे कि:
- फाउंडर एग्रीमेंट क्या होता है
- यह क्यों ज़रूरी है
- इसमें क्या-क्या होना चाहिए
- और नए स्टार्टअप फाउंडर्स को किन गलतियों से बचना चाहिए
फाउंडर एग्रीमेंट क्या होता है? (Founder Agreement Explained Simply)
फाउंडर एग्रीमेंट एक कानूनी (Legal) दस्तावेज़ होता है, जो स्टार्टअप के सभी फाउंडर्स के बीच यह स्पष्ट करता है कि:
- कौन क्या भूमिका निभाएगा
- किसकी कितनी हिस्सेदारी (Equity) होगी
- फैसले कैसे लिए जाएंगे
- पैसा कैसे लगाया जाएगा
- और अगर कोई फाउंडर स्टार्टअप छोड़ता है तो क्या होगा
सरल शब्दों में कहें तो,
👉 फाउंडर एग्रीमेंट स्टार्टअप की नींव का लिखित नियम-पुस्तक (Rule Book) होता है।
फाउंडर एग्रीमेंट क्यों ज़रूरी है?
1. भविष्य के झगड़ों से बचाव
शुरुआत में सब कुछ मौखिक समझौते (Verbal Understanding) पर चलता है।
लेकिन जब:
- फंडिंग आती है
- मुनाफ़ा होने लगता है
- या नुकसान होता है
तब मतभेद सामने आते हैं।
फाउंडर एग्रीमेंट पहले से तय नियमों के कारण झगड़ों को रोकता है।
2. सभी की भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट होती है
कई स्टार्टअप इसलिए फेल होते हैं क्योंकि:
- सब कुछ एक ही फाउंडर कर रहा होता है
- बाकी फाउंडर्स सिर्फ नाम के होते हैं
एग्रीमेंट में साफ लिखा होता है:
- कौन CEO होगा
- कौन टेक संभालेगा
- कौन मार्केटिंग या फाइनेंस देखेगा
3. निवेशकों (Investors) का भरोसा बढ़ता है
जब कोई इन्वेस्टर आपके स्टार्टअप में पैसा लगाने से पहले ड्यू डिलिजेंस करता है, तो वह ज़रूर पूछता है:
“क्या आपके पास फाउंडर एग्रीमेंट है?”
बिना एग्रीमेंट के स्टार्टअप को गंभीर और प्रोफेशनल नहीं माना जाता।
4. इक्विटी और हिस्सेदारी को लेकर स्पष्टता
कौन कितना प्रतिशत मालिक है, यह लिखित होना बहुत ज़रूरी है।
वरना आगे चलकर:
- “मैंने ज़्यादा मेहनत की”
- “आइडिया मेरा था”
- “पैसा मैंने लगाया था”
जैसी बातें विवाद बन जाती हैं।
फाउंडर एग्रीमेंट में क्या-क्या होना चाहिए? (Step-by-Step Points)
1. फाउंडर्स की जानकारी
- सभी फाउंडर्स का नाम
- पता
- पहचान विवरण
2. स्टार्टअप का उद्देश्य (Vision & Objective)
- कंपनी क्यों शुरू की गई
- लॉन्ग टर्म विज़न क्या है
3. इक्विटी स्ट्रक्चर
- किसके पास कितनी हिस्सेदारी (%)
- क्या इक्विटी वेस्टिंग लागू है या नहीं
👉 वेस्टिंग क्लॉज़ बहुत ज़रूरी होता है, ताकि कोई फाउंडर जल्दी छोड़कर पूरी इक्विटी न ले जाए।
4. भूमिकाएं और जिम्मेदारियां
- रोज़मर्रा का काम कौन संभालेगा
- कौन निर्णय लेने का अधिकार रखेगा
5. निवेश और पूंजी (Capital Contribution)
- किसने कितना पैसा लगाया
- भविष्य में और पैसा कैसे लाया जाएगा
6. निर्णय लेने की प्रक्रिया
- सामान्य निर्णय
- बड़े निर्णय (फंडिंग, मर्जर, सेल)
7. फाउंडर के बाहर निकलने की शर्तें (Exit Clause)
- अगर कोई फाउंडर कंपनी छोड़ता है
- या काम नहीं करता
तो उसकी इक्विटी का क्या होगा?
8. गोपनीयता और नॉन-कम्पीट क्लॉज़
- बिज़नेस सीक्रेट बाहर न जाए
- फाउंडर अलग होकर उसी तरह का बिज़नेस न करे
एक छोटा सा उदाहरण (Case Study)
राहुल और अमन ने मिलकर एक टेक स्टार्टअप शुरू किया।
शुरुआत में:
- राहुल ने आइडिया और टेक संभाला
- अमन ने मार्केटिंग
कोई फाउंडर एग्रीमेंट नहीं बनाया गया।
2 साल बाद स्टार्टअप को फंडिंग ऑफर मिली।
लेकिन:
- अमन ने कहा कि वह 50% मालिक है
- राहुल ने कहा कि असली मेहनत उसने की है
नतीजा?
👉 इन्वेस्टर पीछे हट गया और स्टार्टअप टूट गया।
अगर शुरुआत में फाउंडर एग्रीमेंट होता, तो यह स्थिति नहीं आती।
नए स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए प्रैक्टिकल टिप्स
- दोस्ती के भरोसे बिज़नेस न चलाएं
- शुरुआत में ही एग्रीमेंट बनाएं
- वकील या स्टार्टअप एडवाइज़र से ड्राफ्ट चेक करवाएं
- इक्विटी बराबर बाँटना हमेशा सही नहीं होता
- वेस्टिंग क्लॉज़ ज़रूर रखें
सामान्य गलतियाँ और उनसे बचने के तरीके
❌ “हम दोस्त हैं, एग्रीमेंट की ज़रूरत नहीं”
✔ दोस्ती ही बिज़नेस में सबसे पहले टूटती है
❌ कॉपी-पेस्ट एग्रीमेंट
✔ हर स्टार्टअप अलग होता है
❌ एग्ज़िट क्लॉज़ न रखना
✔ भविष्य की सबसे बड़ी गलती
निष्कर्ष (Conclusion)
एक स्टार्टअप की सफलता सिर्फ अच्छे आइडिया या मेहनत से नहीं आती, बल्कि स्पष्ट समझौते और मजबूत नींव से आती है।
फाउंडर एग्रीमेंट कोई नेगेटिव या अविश्वास का संकेत नहीं है, बल्कि यह प्रोफेशनल सोच और भविष्य की सुरक्षा का प्रमाण है।
अगर आप आज एक सही फाउंडर एग्रीमेंट बनाते हैं,
तो आप:
- अपने स्टार्टअप को सुरक्षित करते हैं
- रिश्तों को खराब होने से बचाते हैं
- और निवेशकों का भरोसा जीतते हैं
👉 याद रखें:
स्टार्टअप सपनों से शुरू होता है, लेकिन समझदारी से आगे बढ़ता है।
